 श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महिला महासभा की स्थापना श्रवणबेलगोल में जनवरी २००६ में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित महासभा रजत अध्यक्षता अधिवेशन में श्रीमती सरिता महेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता एवं डॉं. नीलम जैन के मुखय संयोजकत्व में हुई।
इसका शुभारंभ महिला महासभा के उद्देश्यानुसार अल्पसाधन वाली श्रवणबेलगोल की दिगम्बर जैन बहनों को , श्रीमती सरिता महेन्द्र कुमार जैन (चेन्नई), श्रीमती संतोष देवी प्रकाश चन्द बड़जात्या (चेन्नई), एवं श्रीमती कमला धाकड ा (चेन्नई), द्वारा प्रदत्त ५० सिलाई मशीनें स्वरोजगार साधन उपलब्ध कराने के लिए स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामी जी के करकमलों से प्रदत्त कराकर हुआ। वर्तमान में इसकी परम संरक्षिका सम्मानित १४, परम संरक्षिका ३२, विशिष्ट सम्मानित ७ तथा आजीवन सदस्य २२४५ है।
जैन महिलादर्श जो ८२ साल पहले आरा से विदुषी ब्र. चंदाबाई जी प्रकाशित करती थीं वह अब श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन (धर्म संरक्षिणी) महासभा द्वारा प्रतिमाह प्रकाशित की जाती है। इसमें महिलाओं के लिए लेख, आर्यिकाओं के प्रवचन को प्रमुखता दी जाती है। पत्रिका में प्रतिमाह पूज्य आर्यिका माताओं के प्रवचन, लेख, कवितायें, उपयोगी बातें, जैन समाज की जानी पहचानी लेखिकाओं के प्रेरणाप्रद लेख व स्थाई स्तम्भ में कविता मंदिर, तीरथ कर लो पुण्य कमा लो, स्वास्थ्य चर्चा, रसोई, स्वादिष्ट व्यंजन, साहित्य समीक्षा, महत्वपूर्ण सम्पादकीय लेख, समाचार, आपके पत्र, आपके विचार आदि सहित अन्य बहु-उपयोगी, पठनीय एवं मननीय सामग्री का प्रकाशन प्रतिमाह होता है। सम्पादिका – डा. (श्रीमती) नीलम जैन सहसम्पादिका – श्री पं. विद्युल्लता शाह, सोलापुर, डा. (श्रीमती) विद्यावती जैन, आरा, श्रीमती शैलबाला काला, मुम्बई, डा. विमला जैन, फिरोजाबाद, श्रीमती रत्नप्रभा सेठी, आठगांव, (गुवाहाटी)।
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